इंफिनियन पीएसओसी™ 6 का उपयोग करके भारत में स्मार्ट कृषि और ग्रामीण एआई समाधानों का निर्माण करना
Building Smart Agriculture & Rural AI Solutions in India Using Infineon PSOC™ 6
अनूप हलर्नकर
2/23/20262 मिनट पढ़ें
परिचय
भारत को हर साल इन वजहों से अरबों का नुकसान होता है:
कीटों का देर से पता चलना
फंगल इन्फेक्शन (रतुआ, पाला, फफूंदी)
पानी की कमी
गर्मी की बढ़ोतरी
पोषक तत्वों का असंतुलन
इनमें से ज़्यादातर समस्याओं का पता तब चलता है जब नुकसान दिखने लगता है; जब पैदावार पहले ही कम हो चुकी होती है।
यह ब्लॉग बताता है कि इनफिनिऑन (Infineon) के PSOC™ 6 AI इवैल्यूएशन किट के आस-पास बना एक इंटेलिजेंट एज सिस्टम 1 एकड़ के भारतीय खेत में फसल के तनाव का जल्दी पता कैसे लगा सकता है। तो, पहले समस्या के हालात को गहराई से समझते हैं।
फसल का तनाव
फसल का तनाव तब होता है जब पौधों को खराब हालात का सामना करना पड़ता है जिससे उनकी नॉर्मल ग्रोथ और मेटाबॉलिज्म में रुकावट आती है।
फसल पर पड़ने वाले तनाव के प्रकार:
बायोटिक तनाव (जीवित कारक)
कीड़े (माहूचेपातेला या लाही, वेधक कीड़े)
कवक, फफूंद (रतुआ, पाला)
जीवाणु इन्फेक्शन
विषाणुजनित (वायरस से संबंधित) इन्फेक्शन
एबायोटिक तनाव (पर्यावरणीय कारक)
पानी की कमी
ज़्यादा सिंचाई
ज़्यादा तापमान (भारत में आम तौर पर 45°C से ज़्यादा)
मिट्टी का खारापन
पोषक तत्वों की कमी (NPK असंतुलन)






















कीड़े और बीमारी से फसलें कैसे मरती हैं
उदाहरण: कवक संक्रमण (फंगल इन्फेक्शन) में वृद्धि
बीजाणुओं पत्तियों पर लग जाते हैं
इन्फेक्शन सूक्ष्म स्तर पर शुरू होता है
पर्णहरित गतिविधि कम हो जाती है
प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) कम हो जाती है
पीलापन / धब्बे दिखने लगते हैं
पत्तियों का परिगलन फैल जाता है
पौधे की विकास रुक जाती है
पैदावार कम हो जाती है
जब तक किसान को धब्बे दिखते हैं, तब तक 20–40% नुकसान हो चुका होता है
मानवीय पहचान के विधियाँ
पारंपरिक विधियाँ:
खेत का निरीक्षण करना (भ्रमण करना)
पौधों का यादृच्छिक (Random) अवलोकन करना
रंग में होने वाले परिवर्तनों को देखना
मृदा की नमी का परीक्षण करना
1 एकड़ के खेत में समस्याओं के उदाहरण:
1 एकड़ ≈ 43,560 वर्ग फुट
सहस्रों (हज़ारों) पौधे
प्रत्येक पौधे का दैनिक निरीक्षण करना असंभव है
प्रारंभिक अवस्था का संक्रमण मानवीय आँखों से दिखाई नहीं देता
मानवीय थकान (शारीरिक सीमाएँ)
श्रमिक लागत (मज़दूरी का खर्च)
मानवीय निरीक्षण की सीमाएँ:
प्रारंभिक जैव-रासायनिक तनाव का पता न चलना:
पौधे के अंदरूनी बदलावों को मानवीय आँखें नहीं देख सकतीं
मापनीयता का अभाव:
बड़े खेतों में हर पौधे का सटीक डेटा रखना संभव नहीं है
समय की अधिक खपत:
पूरे खेत का व्यक्तिगत निरीक्षण करने में बहुत समय व्यर्थ होता है
फसल के तनाव का वैज्ञानिक विश्लेषण:
नुकसान प्रत्यक्ष होने से पूर्व के लक्षण:
पत्ती के तापमान में वृद्धि:
तनाव की स्थिति में पौधे का तापमान बढ़ने लगता है
प्रकाश संश्लेषण प्रतिदीप्ति (Photosynthesis Fluorescence) में परिवर्तन:
प्रकाश संश्लेषण के दौरान अवशोषित प्रकाश ऊर्जा का वह भाग, जो रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित नहीं होता, लाल प्रकाश के रूप में पुनः उत्सर्जित होता है; इसमें बदलाव तनाव का संकेत है
पादप परावर्तन रंगावली (Plant Reflection Spectrum) में बदलाव:
पौधे से टकराकर वापस आने वाली प्रकाश किरणों के स्पेक्ट्रम में अंतर आना
आर्द्रता के प्रतिरूपों (Patterns) में बदलाव:
पौधे के आसपास की नमी के स्तर में असामान्यता
सूक्ष्म-जलवायु (Micro-climate) असंतुलन:
पौधे के ठीक आसपास के वातावरण में वैज्ञानिक बदलाव दिखाई देना
इन संकेतों को पहचानने की विधियाँ:
मृदा नमी सेंसर:
मिट्टी में पानी की उपलब्धता का सटीक मापन
तापमान सेंसर:
वातावरण के ताप में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों की निगरानी
आर्द्रता (Humidity) सेंसर:
हवा में मौजूद नमी और पत्ती के गीलेपन का आकलन
बहु-वर्णक्रमीय (Multispectral) कैमरा:
प्रकाश की विभिन्न तरंगदैर्घ्य (Wavelengths) को मापकर पौधे के स्वास्थ्य का विश्लेषण
अवरक्त (IR) सेंसर:
पत्तियों के तापमान का सटीक मापन करना
प्रस्तावित 1 एकड़ परिनियोजन (Deployment) मॉडल
भाग 1 – धरातलीय सेंसर उपकरण (यदि भूमि समतल है, तो प्रति एकड़ 4–6 उपकरण)
प्रत्येक उपकरण (Node) में सम्मिलित तत्व:
मृदा नमी सेंसर:
मिट्टी में जल के स्तर को मापने हेतु
तापमान और आर्द्रता सेंसर:
वातावरण की स्थिति पर नज़र रखने हेतु
पत्ती आर्द्रता (Leaf Wetness) सेंसर:
कवक (Fungal), फफूंद (Mildew), रतुआ (Rust) और पाले (Frost) जैसी समस्याओं का प्रमुख सूचक
PSoC™ 6 MCU:
डेटा प्रसंस्करण के लिए मुख्य नियंत्रक
सौर पैनल और बैटरी:
निरंतर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु
Wi-Fi/ब्लूटूथ कनेक्टिविटी:
डेटा स्थानांतरण और कनेक्टिविटी के लिए
PSOC™ 6 MCU पर आधारित इवैल्यूएशन बोर्ड (CY8CKIT-062S2-AI) के कार्य:
डेटा संग्रहण:
सभी सेंसरों से डेटा एकत्रित करना
स्थानीय अनुमान (Edge ML):
बोर्ड पर ही हल्के 'इन्फेरेंस' (Inference) मॉडल्स चलाना
सिंचाई प्रबंधन:
पौधों की आवश्यकतानुसार सिंचाई का पूर्वानुमान लगाना
विसंगति पहचान:
आर्द्रता (Humidity) के असामान्य रुझानों का तुरंत पता लगाना
डेटा संक्षिप्तीकरण:
केवल महत्वपूर्ण निष्कर्षों और सारांश को संग्रहित करना (असंसाधित/Raw डेटा के बजाय)
भाग 2 – ड्रोन द्वारा डेटा संग्रहण (प्रतिदिन एक बार)
ड्रोन एक पूर्व-निर्धारित मार्ग (Flight Path) पर उड़ान भरता है
निश्चित सीमा के भीतर आने पर, यह निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाता है:
ब्लूटूथ (BLE) विज्ञापनों (Advertisements) को स्कैन करेगा
उपकरण की खोज कर उससे जुड़ेगा (Discover/Connect)
नोड को प्रमाणित (Authenticate) करेगा
पिछले 24 घंटों के संकलित निष्कर्षों (Inference Logs) का अनुरोध करेगा
डेटा प्राप्त होते ही उपकरण से संपर्क विच्छेद (Disconnect) कर देगा
जब ड्रोन अपने डॉकिंग/विश्राम स्टेशन पर वापस लौटता है:
यह USB या Wi-Fi के माध्यम से लैपटॉप पर सभी संयुक्त लॉग्स (Logs) स्थानांतरित कर देगा
लैपटॉप क्षेत्रवार "जोखिम/स्वास्थ्य मानचित्र", चेतावनी (Alerts) और सुधारात्मक सुझाव प्रदर्शित करेगा
PSOC™ 6 के लाभ और विशेषताएँ
अल्प-शक्ति समाधान (Low-Power Solution):
बैटरी और सौर ऊर्जा संचालित परिनियोजन (Deployment) के लिए आदर्श
उच्च विश्वसनीयता:
प्रतिकूल मौसम (45°C+ तापमान, नमी और धूल) में भी भरोसेमंद कार्यक्षमता
सुरक्षा:
जुड़े हुए सभी उपकरणों को सुरक्षित रखता है
मापनीयता (Scalability):
कम लागत में बड़े सिस्टम तक विस्तार करने में सक्षम
एज इंटेलिजेंस (Edge Intelligence):
क्लाउड कनेक्टिविटी के उतार-चढ़ाव के दौरान भी निरंतर कार्य करने की क्षमता
AI किट पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem):
यह सेंसर डेटा एकत्र करने और Infineon के टूल्स का उपयोग करके मॉडल बनाने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है
DeepCraft™:
हमारे कस्टम मॉडल को डिवाइस पर प्रशिक्षित (Training), अनुकूलित (Optimize) और तैनात (Deploy) करने में सहायता प्रदान करता है
PSOC™ 6 MCU की तकनीकी क्षमताएँ:
यह विशेष रूप से डुअल-कोर (Dual-Core) संरचना प्रदान करता है
150 MHz Arm Cortex-M4:
भारी एप्लिकेशन, DSP और AI कार्यों के निष्पादन के लिए
100 MHz Cortex-M0+:
लो-पावर मैनेजमेंट और कनेक्टिविटी के लिए
यह संरचना निम्नलिखित को सक्षम बनाती है:
Cortex-M4:
पर सेंसर डेटा अधिग्रहण और AI अनुमान (Inference)
Cortex-M0+:
पर न्यूनतम ऊर्जा खपत और कनेक्टिविटी प्रबंधन
अल्प-ऊर्जा संचालन:
सौर ऊर्जा चालित कृषि उपकरणों, ग्रामीण अस्पतालों के वेयरेबल्स और दूरस्थ निगरानी केंद्रों के लिए सर्वोत्तम
कनेक्टिविटी (CYW43439 का उपयोग):
खेत से क्लाउड तक टेलीमेट्री (Telemetry)
मोबाइल ऐप के माध्यम से नियंत्रण
OTA (ओवर-द-एयर) अपडेट: वायरलेस माध्यम से सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने की सुविधा
सुरक्षा (Security):
सिक्योर बूट (Secure Boot):
केवल विश्वसनीय और हस्ताक्षरित (Signed) सॉफ़्टवेयर चलाने की अनुमति
क्रिप्टोग्राफिक एक्सेलेरेशन:
कूटलेखन (Encryption) विधियों द्वारा सूचना की सुरक्षा
IoT-Safe परिनियोजन:
सेंसर डेटा को सुरक्षित गेटवे के माध्यम से स्थानांतरित करना
लागू करने में आने वाली चुनौतियाँ
प्रति एकड़ 4–6 नोड्स का तर्क
1 एकड़ लगभग 4047 वर्ग मीटर होता है। ग्रिड के आधार पर:
4 नोड्स:
कोनों पर रखने से उनके बीच की दूरी ~60–65 मीटर होगी
6 नोड्स:
कोनों और मध्य बिंदुओं पर रखने से दूरी ~40–50 मीटर होगी
यह व्यवस्था तब प्रभावी है जब:
हम सूक्ष्म-जलवायु (Micro-climate) औसत या सिंचाई क्षेत्र (Drip Zones) की नमी माप रहे हों
कब अधिक नोड्स (8–12 या अधिक) की आवश्यकता होगी?
यदि मिट्टी का प्रकार भिन्न हो (पथरीली या रेतीली पैच)
भूमि में ढलान हो जहाँ पानी जमा होता हो
एक ही एकड़ में विभिन्न फसलों की किस्में हों
फसल का तनाव बहुत अधिक स्थानीय (Localized) हो
तो हमें 8–12 नोड्स (या ज़्यादा) की ज़रूरत हो सकती है, क्योंकि फसल का स्ट्रेस बहुत ज़्यादा लोकल हो सकता है!
सेंसर को Infineon PSOC™ 6 AI इवैल्यूएशन किट से कनेक्ट करना
आम वायरिंग:
मृदा नमी:
कैपेसिटिव प्रोब के ज़रिए मिट्टी की नमी को एनालॉग वोल्टेज के रूप में मापना (ADC 1)
पत्ती का गीलापन:
लीफ वेटनेस/ह्यूमिडिटी सेंसर के ज़रिए पत्ती की नमी का एनालॉग वोल्टेज के रूप में मापना (ADC 2)
तापमान/RH:
BME280 सेंसर (I²C) के ज़रिए सूक्ष्म-जलवायु (Micro-climate) का सटीक डेटा
वैकल्पिक सेंसर:
सॉइल टेम्परेचर सेंसर (जड़ों के तनाव और सिंचाई शेड्यूलिंग के लिए)
Infineon PSOC™ 6 AI इवैल्यूएशन किट पर अनुमान शेड्यूलिंग (Inference Scheduling)
सेंसर सैंपलिंग:
तापमान/सापेक्ष आर्द्रता (RH):
प्रत्येक 5-10 मिनट में
मृदा नमी:
प्रत्येक 15-30 मिनट में
पत्ती का गीलापन:
दिन के समय प्रत्येक 15-30 मिनट में और शाम/रात के दौरान प्रत्येक 5-10 मिनट में (कवक की स्थिति की जाँच हेतु)
अनुमान प्रक्रिया (Inference Execution):
सामान्यतः
प्रत्येक 30-60 मिनट में
"जोखिम समय" (अत्यधिक आर्द्रता + गीली पत्तियां + उच्च तापमान) के दौरान:
प्रत्येक 10-15 मिनट में
डेटा संग्रहण (Data Storage):
असंसाधित (Raw) रीडिंग के स्थान पर, हम निम्नलिखित को संग्रहित करेंगे:
प्रति घंटा औसत मान
न्यूनतम और अधिकतम रीडिंग
रोग जोखिम सूचकांक (0–100)
जल तनाव/कमी सूचकांक (0–100)
खामियों को दूर करने (Debugging) के लिए कुछ हालिया असंसाधित डेटा बिंदु (पिछले 30–60 मिनट के)
इससे डेटा स्थानांतरण तीव्र रहता है और बैटरी का जीवनकाल बढ़ जाता है।
निष्कर्ष
एज एआई (Edge AI), यदि विचारपूर्ण ढंग से उपयोग किया जाए, तो भारत को 'प्रतिक्रियाशील फसल संरक्षण' से आगे ले जाकर 'पूर्वानुमानित फसल प्रबंधन' की ओर अग्रसर कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप पैदावार में वृद्धि होगी, जल संरक्षण संभव होगा, कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग में कमी आएगी और एक अधिक सुदृढ़ कृषि पारिस्थितिकी तंत्र (Agricultural Ecosystem) का निर्माण होगा।
सहायक बाहरी कड़ियाँ (Links):
https://documentation.infineon.com/psoc6/docs/hsg1651214227031
https://www.infineon.com/evaluation-board/CY8CKIT-062S2-AI
https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S016819232500019X
https://www.arable.com/wp-content/uploads/2022/05/Arable_Leaf_Wetness_2021_12.pdf




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